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आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24

आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24

आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24

Economic Report
आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24

1. भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति: FY24 में मजबूत वृद्धि

  • FY25 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान: 6.5-7% के बीच, जिसमें जोखिम संतुलित हैं।
  • FY24 में वास्तविक GDP वृद्धि: 8.2%, जो तीन तिमाहियों में 8% से अधिक रही।
  • औद्योगिक वृद्धि दर: 9.5% के साथ, आर्थिक विकास को समर्थन मिला।
  • FY24 में खुदरा महंगाई दर: 5.4%, जो प्रशासनिक और मौद्रिक नीतियों की कुशलता का परिणाम है (FY23 में 6.7% थी)।
  • FY24 में चालू खाता घाटा (CAD): 0.7% GDP, जो FY23 में 2.0% की तुलना में बड़ा सुधार है।
  • राजस्व संग्रह: कुल कर संग्रह का 55% प्रत्यक्ष करों से आया, और शेष 45% अप्रत्यक्ष करों से।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धि: FY20 के स्तर से FY24 में वास्तविक GDP 20% अधिक था, जो बहुत कम प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने हासिल किया हैआर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 ।

2. मौद्रिक प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता

  • FY24 में भारतीय बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र: स्थिरता और प्रदर्शन में उत्कृष्ट।
  • RBI ने रेपो दर स्थिर रखी: 6.5% पर।
  • क्रेडिट वितरण में वृद्धि: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) का क्रेडिट वितरण मार्च 2024 तक 20.2% की दर से बढ़कर ₹164.3 लाख करोड़ हो गया।
  • कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में क्रेडिट वृद्धि: FY24 में दो अंकों में रही।
  • वित्तीय समावेशन: भारत के वित्तीय समावेशन ने असमानता को कम करने और गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल वित्तीय समावेशन (DFI) अब अगली बड़ी चुनौती है।
  • आरंभिक पूंजी बाजार: FY24 में ₹10.9 लाख करोड़ की पूंजी निर्माण में योगदान दिया।

3. मूल्य और महंगाई नियंत्रण

  • FY24 में खुदरा महंगाई दर: 5.4%, जो महामारी के बाद से सबसे कम है।
  • ईंधन महंगाई: LPG सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल पर मूल्य कटौती से FY24 में ईंधन महंगाई नियंत्रण में रही।
  • खाद्य महंगाई: FY24 में 7.5% रही, जो खाद्य उत्पादन में गिरावट और आपूर्ति की कमी के कारण थी।
  • आगे की उम्मीदें: RBI का अनुमान है कि FY25 में महंगाई 4.5% और FY26 में 4.1% तक आ सकती है आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24

4. बाहरी क्षेत्र: स्थिरता और प्रगति

  • FY24 में भारत का बाहरी क्षेत्र: भूराजनीतिक चुनौतियों और वैश्विक मुद्रास्फीति के बावजूद स्थिर रहा।
  • सेवाओं का निर्यात: FY24 में 4.9% की वृद्धि के साथ $341.1 बिलियन तक पहुंचा।
  • वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी: FY24 में वैश्विक वस्तु निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 1.8% रही।
  • वैश्विक प्रेषण प्राप्तकर्ता देश: भारत $120 बिलियन के साथ 2023 में सबसे बड़ा प्रेषण प्राप्तकर्ता बना।
  • FY24 में चालू खाता घाटा: 0.7% GDP पर रहा, FY23 में 2% से सुधार हुआ।

5. मध्यम अवधि की रणनीति: नए भारत के लिए विकास योजना

  • अमृत काल के लिए 6 प्रमुख फोकस क्षेत्र:
    • निजी निवेश को बढ़ावा देना
    • MSMEs का विस्तार
    • कृषि को विकास का इंजन बनाना
    • हरित परिवर्तन के लिए वित्त पोषण
    • शिक्षा और रोजगार के बीच के अंतर को पाटना
    • राज्यों की क्षमता निर्माण करना
  • FY30 तक 7% से अधिक की आर्थिक वृद्धि के लिए: केंद्र, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के बीच समन्वय आवश्यक है।

6. जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण

  • अक्षय ऊर्जा क्षमता: मई 2024 तक, भारत की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 45.4% गैर-जीवाश्म स्रोतों से आया।
  • भारत की उत्सर्जन तीव्रता में कमी: 2005 के स्तर से 33% की कमी आई है।
  • स्वच्छ ऊर्जा में निवेश: 2014-23 के बीच ₹8.5 लाख करोड़ का निवेश किया गया।
  • मिशन लाइफ: वैश्विक जलवायु परिवर्तन समस्या के समाधान के लिए मानव-प्रकृति सद्भाव को बढ़ावा देता है।

7. सामाजिक क्षेत्र: सशक्तिकरण के लाभ

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत: 34.7 करोड़ कार्ड जारी किए गए, और 7.37 करोड़ अस्पताल में भर्ती को कवर किया गया।
  • मानसिक स्वास्थ्य: आयुष्मान भारत योजना के तहत 22 मानसिक विकारों को कवर किया गया।
  • ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम: आंगनवाड़ी केंद्रों पर विश्व का सबसे बड़ा, उच्च गुणवत्ता वाला पूर्व-विद्यालय नेटवर्क स्थापित करने का लक्ष्य।
  • R&D में प्रगति: FY24 में 1 लाख पेटेंट दिए गए, जो FY20 में 25,000 से कम थे।

8. रोजगार और कौशल विकास

  • FY24 में शहरी बेरोजगारी दर: 6.7% रही।
  • EPFO के नए सदस्य: FY19 में 61.1 लाख से बढ़कर FY24 में 131.5 लाख हो गए।
  • गिग वर्कफोर्स: FY30 तक 2.35 करोड़ तक बढ़ने का अनुमान है।
  • महिला श्रम बल भागीदारी दर: पिछले छह वर्षों में निरंतर वृद्धि देखी गई।

9. कृषि और खाद्य प्रबंधन

  • FY19-24 के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की औसत वार्षिक वृद्धि दर: 4.18%।
  • FY24 में कुल कृषि ऋण: ₹22.84 लाख करोड़।
  • कृषि अनुसंधान में निवेश का लाभ: प्रत्येक रुपये के निवेश पर ₹13.85 का लाभ।

10. उद्योग: छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों पर जोर

  • FY24 में औद्योगिक वृद्धि: 9.5%।
  • भारत की फार्मास्युटिकल बाजार: $50 बिलियन के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बाजार।
  • PLI योजनाओं के तहत निवेश: FY24 तक ₹1.28 लाख करोड़ का निवेश हुआ।

11. सेवाएं: विकास के अवसर

  • FY24 में सेवा क्षेत्र का निर्यात: $341.1 बिलियन तक पहुंचा।
  • FY23 में भारत का डिजिटल सेवा निर्यात हिस्सेदारी: 6% रही।
  • ई-कॉमर्स उद्योग: FY30 तक $350 बिलियन को पार करने की उम्मीद।

12. बुनियादी ढांचा: क्षमता वृद्धि

  • राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गति: FY14 में 11.7 किमी प्रतिदिन से FY24 में 34 किमी प्रतिदिन तक बढ़ी।
  • रेलवे पर पूंजीगत व्यय: FY24 में 77% की वृद्धि देखी गई।
  • FY24 में 21 नए हवाई अड्डों पर टर्मिनल भवन चालू हुए: 62 मिलियन वार्षिक यात्री क्षमता में वृद्धि हुई।

13. जलवायु परिवर्तन और भारत का दृष्टिकोण

  • मिशन लाइफ: मानव-प्रकृति सद्भाव को बढ़ावा देता है और सोच-समझकर उपभोग को बढ़ावा देता है, जिससे वैश्विक जलवायु समस्या के मूल कारण का समाधान होता है।
  • सार्वभौमिक समाधान के बजाय स्थायी विकास पर जोर: विकासशील देशों को अपने रास्ते चुनने की आज़ादी की
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