राजस्थान एम.एस.एम.ई. नीति 2024
मुख्य बिं2
दु- एम.एस.एम.ई. विकास और सुविधा केन्द्र: प्रत्येक संभाग के MSME विकास केन्द्रों को IT-enabled और सुविधायुक्त बनाया जाएगा।
- क्लस्टर विकास: 3 वर्षों में राज्य के Handloom, Handicraft और MSME सेक्टर के 50 क्लस्टर विकसित होंगे। 2024-25 में पहले चरण में 15 क्लस्टरों के लिए ₹45 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- उद्यमियों को सहायता: उत्पादों को देश-विदेश में बेचने के लिए उद्यमियों को आवश्यक सहायता दी जाएगी। माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा (₹5 करोड़ लागत)।
- कला और कारीगरी: 1,000 इलेक्ट्रिक चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें कलाकारों को प्रदान की जाएंगी।
पर्यटन, कला और संस्कृति
- स्मारक निर्माण: डूंगरपुर और बाँसवाड़ा में जनजातीय नायकों के स्मारक बनेंगे। उदयपुर में वीर बालिका कालीबाई संग्रहालय और डूंगरपुर में शिल्पग्राम का निर्माण।
वन एवं पर्यावरण
- मातृ वन योजना: हर जिले में आमजन की सहभागिता से 'मातृ वन' स्थापित किया जाएगा।
- 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन स्पीशीज' कार्यक्रम: प्रत्येक जिले के लिए विशेष नस्ल के पौधे तैयार किए जाएंगे।
- फोरेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट: झालाना (जयपुर) में फोरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ ट्रेनिंग कम मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की स्थापना।